2023 में बच्चों के लिए बोर्डिंग स्कूल कितना अच्छा है | Boarding School

आजकल बच्चो की पढ़ाई को ले कर माता पिता इतने ज्यादा दवाब में रहते हैं कि बच्चों की अच्छी से अच्छी शिक्षा के लिए वो बोर्डिंग स्कूल भी भेजने को तैयार रहते है या कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं जिससे बच्चों को बेस्ट से भी कुछ ज्यादा अच्छी एजुकेशन मिल सके |

बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए माता पिता उनको बोर्डिंग स्कूल तक भेजने को तैयार रहते हैं, कुछ लोग ऐसा मानते हैं बच्चों की पढ़ाई बोर्डिंग स्कूल में ज्यादा अच्छी होती है और साथ ही साथ बच्चे में अनुशासन भी आती है।

आज हम जाने की कोशिश करेंगे क्या बच्चों की शिक्षा के लिए बोर्डिंग स्कूल सही है या फिर नहीं। शिशु को बोर्डिंग स्कूल जाने के फायदे या फिर क्या नुक्शान है ये सब जानेगे।

बोर्डिंग स्कूल बच्चों के लिए अच्छा है या बुरा

हमें ये जानना बहुत ही ज्यादा जरूरी है कि बोर्डिंग स्कूल हमारे बच्चों के लिए कितना अच्छा है। हम सभी जानते हैं कि स्कूल से बच्चा तभी घर आ सकता है जब स्कूल में चुतिया हो या फिर कोई आपकी स्थिति हो गई हो।

ऐसे में बच्चा अपने परिवार को बहुत ही ज्यादा मिस करता है जब उन्हें अपने माता पिता की याद आती है तो वो परेशन होने लगते हैं और तब हमें ऐसा लगता है कि हम अपने बच्चों से जड़ से मिल पाए इस्तेमाल बात कर पाए।

ये माता – पिता या बच्चे के अहसास का एक पहलू है बुरा पहलु यह भी है कि बच्चा बोर्डिंग स्कूल में अनुशासन हो जाते हैं वो पढ़ने में भी थोरा अच्छे हो जाते हैं।

2023 में बच्चों के लिए बोर्डिंग स्कूल कितना अच्छा है | Boarding School, boarding scchoolb best boarding school in india, boardschool kab bheje, kis age  me baccho ko boarding school bheje

अब आए जानते हैं बच्चों को बोर्डिंग स्कूल में भेजने के फायदे | Advantage of Boarding School

बच्चों को बोर्डिंग स्कूल में भेजने के बहुत सारे फायदे हैं, आए विस्तार से जनता है जिसे आपको आसनी हो ये समझने में कि बच्चों को हम बोर्डिंग स्कूल भेजे या नहीं।

1. बढ़ा हुआ आत्मविश्वास-

बोर्डिंग स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का आत्म विश्वास बहुत ही ज्यादा स्ट्रांग हो जाता है, जिससे बच्चों को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलती है।

2. सामाजिक विकास में बढ़ोतरी –

बोर्डिंग स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का सामाजिक विकास बहुत ही अच्छे से होता है क्योंकि बच्चों के स्कूल में उनके सामाजिक जीवन पर भी काफी ध्यान दिया जाता है।

3. अनुशासन वाला जीवन –

यहां के स्कूलो में बच्चों की जो जीवन सैलि होती है वो बहुत ही ज्यादा अनुषित होती है। समय पर उठाना, समय पर खाना, समय पर पढाई, समय पर खेलकुद का मतलब है हर काम अपने तय किए हुए वक्त पर ही करना होता है जिसे बच्चो को समय के मूल्य का भी एहसास होता है।

4.शारीरिक कार्य क्षमता –

बोर्डिंग स्कूल में पढाई के साथ-साथ बचो के दसरी एक्टिविटीज पर भी ध्यान दिया जाता है जैसे कि फिजिकल एक्टिविटीज, गेम्स, साड़ी चिजो की ट्रेनिंग अच्छे से दी जाती है।

बच्चो को बोर्डिंग स्कूल भेजने के नुक्सान –

दूर्वाहार का होना –

बोर्डिंग स्कूल में वैसे तो सारे बच्चों को एक समान तरीके से किया जाता है पर वहा पर पढ़ने वाले कुछ दबंग बच्चे अपने से कमजोर बच्चों का शोषण करते हैं जिसे बच्चों के मानसिक स्थितियों पर असर देता है |

परिवार से कम लगाव –

हम सभी जानते हैं ज्यादतर बच्चे की अपनी मर्जी के खिलाफ एच बोर्डिंग स्कूल लेते हैं जिससे बच्चे अपने माता-पिता से कम सा होने लगता है और बाकी अपने दोस्तों के साथ ज्यादा से ज्यादा रहना पसंद करते हैं जिससे कहीं भी ना वो अपने परिवार से अलग हो जाते हैं ही जाता है।

इसे भी पढ़े – शिशु बोलना कब शुरू करते है

अपनी उम्र से ज्यादा बड़ा होना –

बोर्डिंग स्कूल के बच्चे बहुत ही ज्यादा जल्दी बड़े हो जाते हैं क्योंकि इस तरह के स्कूल के नियम बहुत ही ज्यादा शाक्त होते हैं और जैसा कि मैंने ऊपर बताया कि वह अनुशन का पालन किया जाता है। जिसकी वजह से बच्चे जल्दी जिम्मेदार हो जाते हैं।

यहां मैंने बोर्डिंग स्कूल के पॉजिटिव और नेगेटिव साइड दोनो ही बताया। उम्मीद करती हूं आज इस पोस्ट से आपको बहुत मदद मिली होगी और आप सोच पाएंगे कि बच्चे को अपने से किसी बोर्डिंग स्कूल में खाना है या फिर नहीं।

Babycare की ज्यादा जानकारी के लिए आप हमारा यूट्यूब चैनल देख सकते है जहां आपको 150 सेभी ज्यादा विडिओ मिल जाएंगे, जो मैंने अपने पर्सनल Experience से जाना है

Leave a Comment

RSS
Follow by Email
Twitter
Pinterest
Pinterest
fb-share-icon
LinkedIn
Share
Instagram
Telegram
WhatsApp
Reddit
%d bloggers like this: